बड़े काम के हैं ये 5 कानून, जरूर जानें आप

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देश के कई कानून ऐसे हैं, जिसकी जानकारी न होने पर हम अपने अधिकारों से वंचित हो जाते हैं। आज हम आपको ऐसे ही 5 कानून के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपके लिए काफी काम के हैं…

शाम के वक्त महिलाओं की गिरफ्तारी नहीं हो सकती

कोड ऑफ क्रिमिनल प्रसीजर, सेक्शन 46 के तहत शाम 6 बजे के बाद और सुबह 6 के पहले भारतीय पुलिस किसी भी महिला को गिरफ्तार नहीं कर सकती, फिर चाहे गुनाह कितना भी संगीन क्यों ना हो। अगर पुलिस ऐसा करते हुए पाई जाती है तो गिरफ्तार करने वाले पुलिस अधिकारी के खिलाफ शिकायत (मामला) दर्ज की जा सकती है। इससे उस पुलिस अधिकारी की नौकरी खतरे में आ सकती है।

पुलिस अफसर आपकी शिकायत लिखने से इनकार नहीं कर सकता

आईपीसी के सेक्शन 166ए के अनुसार कोई भी पुलिस अधिकारी आपकी कोई भी शिकायत दर्ज करने से इनकार नही कर सकता। अगर वो ऐसा करता है तो उसके खिलाफ वरिष्ठ पुलिस दफ्तर में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। अगर वह पुलिस अफसर दोषी पाया जाता है तो उसे कम से कम 6 महीने से लेकर 1 साल तक की जेल हो सकती है या फिर उसे अपनी नौकरी गंवानी पड़ सकती है।

गर्भवती महिलाओं को नौकरी से नहीं निकाला जा सकता

मैटरनिटी बेनिफिट ऐक्ट 1961 के मुताबिक गर्भवती महिलाओं को अचानक नौकरी से नहीं निकाला जा सकता। मालिक को पहले तीन महीने की नोटिस देनी होगी और प्रेगनेंसी के दौरान लगने वाले खर्चे का कुछ हिस्सा देना होगा। अगर वो ऐसा नहीं करता है तो उसके खिलाफ सरकारी रोजगार संगठन में शिकायत कराई जा सकती है। इस शिकायत से कंपनी बंद हो सकती है या कंपनी को जुर्माना भरना पड़ सकता है।

होटल में फ्री में पानी वॉश रूम का इस्तेमाल

इंडियन सीरीज ऐक्ट, 1887 के अनुसार आप देश के किसी भी होटल में जाकर पानी मांगकर पी सकते है और उस होटल का वाश रूम भी इस्तमाल कर सकते है। होटल छोटा हो या 5 स्टार, वो आपको रोक नहीं सकते। अगर होटल का मालिक या कोई कर्मचारी आपको पानी पिलाने से या वॉश रूम इस्तमाल करने से रोकता है तो आप उन पर कारवाई कर सकते है। आपकी शिकायत से उस होटल का लाइसेंस रद्द हो सकता है।

सिलिंडर फटने से जान-माल के नुकसान पर 40 लाख रूपये तक का बीमा क्लेम

पब्लिक लायबिलिटी पॉलिसी के तहत अगर किसी कारण आपके घर में सिलिंडर फट जाता है और आपको जान-माल का नुकसान झेलना पड़ता है तो आप तुरंत गैस कंपनी से बीमा कवर क्लेम कर सकते है। आपको बता दें कि गैस कंपनी से 40 लाख रूपये तक का बीमा क्लेम कराया जा सकता है। अगर कंपनी आपका क्लेम देने से मना करती है या टालती है तो इसकी शिकायत की जा सकती है। दोषी पाए जाने पर गैस कंपनी का लाइसेंस रद्द हो सकता है।