पति-पत्नी के रिश्ते में ये Fault लाता है दरार

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महावास्तु के अनुसार सुखी तथा मजबूत दाम्पत्य संबंधों के लिए घरों में आईनों को उपयुक्त दिशा व स्थान पर लगाना महत्वपूर्ण है। क्या आपने अपने शयन कक्ष में आईने या किसी अन्य वस्तु के स्थान पर ध्यान दिया है? क्या ऐसी चीजों को सही स्थान पर लगाने पर किसी दम्पत्ति के वैवाहिक जीवन या आपसी संबंधों पर सकारात्मक असर पड़ता है? क्या घर में विभिन्न चीजों की सही स्थापना से लाभान्वित करने वाले प्रभाव प्राप्त किए जा सकते हैं? यहां हम ऐसे ही प्रश्नों के उत्तर देने का प्रयास कर रहे हैं। महावास्तु के तहत विकसित वास्तु शास्त्र के संबंध में आधुनिक दृष्टिकोण दो दशकों के दौरान किए गए शोध पर आधारित है। विश्लेषणों तथा 10 हजार से अधिक सत्यापित अध्ययनों के आधार पर इस बात पर जोर दिया जाता है कि किसी भी निर्मित स्थल में ऊर्जाओं का सुमेल हो। ऊर्जाओं का संतुलन प्राप्त करने के लिए पांच मुख्य तत्वों – जल, वायु, अग्रि, धरती तथा आकाश – को किसी घर की विभिन्न दिशाओं अथवा वास्तु क्षेत्रों में संतुलित करना होता है।

पलंग के बगल में आईने के संबंध में भ्रम

पलंग के बगल में ड्रैसिंग टेबल रखने तथा शयनकक्ष में आईनों को लगाने के उपयुक्त स्थान को लेकर कई तरह के भ्रम प्रचलित हैं। इन भ्रांतियों को महा वास्तु के दृष्टिकोण से दूर किया जा सकता है जिसके तहत घर के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग चीजों की स्थापना के महत्व के बारे में बताया जाता है जिसका असर हमारे जीवन पर होता है।

बैडरूम में किसी भी चीज जैसे कि आईने, ड्रैसिंग टेबल आदि को रखने का सही स्थान घर के विभिन्न हिस्सों के संतुलन के आकलन के बाद ही तय किया जा सकता है। किसी भी तरह के असंतुलन को वास्तु उपायों की मदद से दूर किया जा सकता है। इसमें कलर बैलेंसिंग तकनीक, स्पेस प्रोग्रामिंग, रैमेडी प्लेसमैंट तथा अन्य तत्वों का संतुलन बैठाना आदि तरीके शामिल हैं।

शयनकक्ष में मौजूद आईना वहां सोने वाले लोगों के अवचेतन मस्तिष्क को प्रभावित करता है। किसी कमरे में आईने का स्थान तथा ऊर्जा का संतुलन वहां रहने वाले लोगों के जीवन पर सकारात्मक या नकारात्मक असर डाल सकता है। शयनकक्ष में भी ऐसा ही होता है।

दिशाओं का महत्व

कम ही लोग जानते हैं कि हमारे आसपास मौजूद रंग, सजावट, कलात्मक वस्तुएं तथा अन्य सभी चीजें यदि सही ढंग से व्यवस्थित हों जैसा कि ब्रह्मांड चाहता है तो हम पर भी इनका अच्छा असर होता है। ब्रह्मांड  में हर तत्व, वस्तु तथा रंग के लिए एक उपयुक्त स्थान तथा दिशा तय है। जब हमारे घर या दफ्तर में हर चीज सही स्थान पर होती है जिनका टकराव अन्य चीजों से नहीं होता है तो इनसे सकारात्मक व खुशनुमा ऊर्जा पैदा होती है जो जीवन में प्रसन्नता पैदा करती है।

आईने पर पलंग का प्रतिबिम्ब

पहले माना जाता था कि आईने या ड्रैसिंग टेबल में पलंग का प्रतिबिम्ब पडऩा बैडरूम में रहने वालों के स्वास्थ्य पर खराब प्रभाव डालता है। हालांकि, किसी भी आईने का असर इस बात पर निर्भर करता है कि उसे किस दिशा में लगाया गया है। साथ ही कमरे के संबंधित हिस्से में मौजूद विभिन्न तत्वों के प्रभाव का भी इसमें योगदान होता है।

कौन-सी दिशाओं में आईना लगाना हानिकारक है

दक्षिण-पूर्व दिशा : बैडरूम की दक्षिण-पूर्व दिशा में लगाया आईना वहां सोने वाले लोगों की सेहत पर विपरीत असर करता है। यह दिशा अग्नि का क्षेत्र है और यहां आईना अर्थात जल तत्व रखने से असंतुलन पैदा होता है। इस स्थिति को दुरुस्त करने के लिए वास्तु उपाय एवं संतुलन विधियां अपनाई जा सकती हैं।

दक्षिण-दक्षिण पश्चिम दिशा: इस दिशा में रखे ड्रैसिंग टेबल का भी नकारात्मक प्रभाव होता है क्योंकि यह निपटान का क्षेत्र है। इस बैडरूम को इस्तेमाल करने वालों को खूब बर्बादी तथा बांझपन का सामना भी करना पड़ सकता है। ऐसा हो तो आईने या ड्रैसिंग टेबल की दिशा बदलने का सुझाव दिया जाता है। वहां पर रंगों से संतुलन पैदा करके सौहार्द पैदा करने के लिए पौधे आदि का प्रयोग किया जा सकता है।

दक्षिण-पश्चिम दिशा: यहां ड्रैसिंग टेबल रखने से बैडरूम में रहने वालों के आपसी रिश्तों में कड़वाहट पैदा होती है। दम्पत्ति एक-दूसरे से ज्यादा अपेक्षाएं रखने लगते हैं और उनमें अक्सर झगड़े तथा अनबन रहने लगती है। इस वजह से बैडरूम में दक्षिण-पश्चिम दिशा भी आईनों के लिए उपयुक्त नहीं है।

जरूरी है संतुलन बनाए रखना इन प्रभावों को देखते हुए घर के अलग-अलग हिस्सों में  ऊर्जा के संतुलन की जरूरत के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को समझना आवश्यक है। घर के प्रत्येक कमरे के विभिन्न हिस्सों में संतुलन व सौहार्द पैदा करना बेहद  जरूरी है। हर वस्तु को सही हिस्से में रखना तथा उपयुक्त व्यवस्था स्थापित करने की जरूरत है ताकि आपके घर में ज्यादा से ज्यादा खुशियां तथा सम्पन्नता बनी रहे।