बुन्देलखण्ड के जमीनी हालात और राजनीती को आइना

गााँव, गरीब और ककसानों के उत्थान में सरकारी योजनाओं का सच-

“जिनकी रक्त शिराओं में भी मातृभूमि का स्पंदन है ,

जिनको अपने भारत की ही मिटटी लगती चन्दन है 

जिनके पोर पोर में सच्चा हिंदुस्तान धड़कता है 

ऐसे वसुधा के नंदन को मेरा शत शत वंदन है”

लेख- ‘चेतन’ तनततन खरे लेखक,

राष्ट्रवादी कवि और विचारक

सिचौरा, महोबा, बुन्देलखण्ड उत्तर प्रदेश 

लेख पढ़ने के लिए क्लिक करें :- 

बुंदेलखंड