रेलवे के नियम बदले:1 अप्रैल से यात्रा से पहले जानें ये 10 जरूरी बातें

रेलवे की ‘विकल्प’ नाम की इस सुविधा के तहत यात्रियों द्वारा आरक्षित किये गये टिकट कन्फर्म नहीं होता है तो वह ऐसी स्थिति में उन्हें अन्य ट्रेनों में आरक्षण का विकल्प मुहैया कराया जाएगा। यह सुविधा 1 अप्रैल 2017 से लागू की जाएगी। इस सुविधा के तहत प्रतीक्षा सूची में शामिल यात्री अपने यात्रा टिकट की पुष्टि के लिए विकल्प सेवा चुन सकते हैं। इसमें यात्री स्वतंत्र होगा कि वह दूसरी ट्रेन में सफर करना चाहता है कि नहीं?

इस योजना की घोषणा फरवरी में पेश हुए रेल बजट में की गई थी, इस कारण इस सेवा को शुरू किया गया है। यह सेवा केवल मेल, एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों में क्रियान्वित की जा रही है। इसका एलान रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने पिछले वर्ष मई में कर दिया था।

ये हैं विकल्प की 10 अहम बातें

1. शुरुआती तौर पर विकल्प योजना केवल ई-टिकट के लिए ही उपलब्ध होगी।

2. इस स्कीम के तहत, वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को विकल्प स्कीम के चयन का मौका मिलेगा।

3. विकल्प में उन यात्रियों का चयन किया जाएगा जिनका नाम चार्ट तैयार होने के बाद भी कन्फर्म नहीं होता है, केवल इन्हीं के लिए वैकल्पिक ट्रेन में आवंटन पर विचार किया जाएगा।

4. इसके लिए न ही किसी यात्री से कोई अतिरिक्त शुल्क वसूला जाएगा और न ही किराए में अंतर होने पर रिफंड की सुविधा दी जाएगी।

5. रेल यात्री को अल्टरनेट ट्रेन में सीट आबंटित कर दिए जाने के बाद उसे सामान्य यात्री ही माना जाएगा और वो अपग्रेडेशन के पात्र होंगे।

6. रेलवे ने कहा कि विकल्प योजना के तहत हर ट्रेन में बर्थ के उपयोग की सुविधा मिल सकेगी।

7. वेटिंग लिस्ट वाले यात्री जो विकल्प योजना का विकल्प चुनेंगे उन्हें चार्ट तैयार होने के बाद पीएनआर स्टेटस चेक करना चाहिए।

8. किसी ट्रेन से वेटिंग लिस्ट वाले यात्री को नई ट्रेन आबंटित हो जाने के बाद इस ट्रेन में बोर्ड करने की अनुमति नहीं होगी।

9. विकल्प का चयन करने वाले यात्री जिन्हें अल्टरनेट ट्रेन में अकोमडेशन दिया जा चुका है उनका नाम मूल ट्रेन की वेटिंग लिस्ट में नहीं दर्ज किया जाएगा।

10. जब विकल्प का चयन करने वाला कोई यात्री कैंसिल का विकल्प चुनता है इसके बाद उसे अल्टरनेट अकोमडेशन दे दिया जाता है और वो एक कन्फर्म्ड पैसेंजर के तौर पर माना जाता है। इसके बाद भी कैंसिलेशन के नियम नियमता लागू होंगे।

विकल्प के बाद निरस्त नहीं करेंगे सफर

विकल्प सेवा चुनने वाले यात्री वैकल्पिक आरक्षण मिलने के बाद अपनी यात्रा में संशोधन नहीं कर सकेंगे। जबकि इस सेवा के लिए यात्रियों से किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क वसूल नहीं किया जाएगा और न ही उन्हें दोनों ट्रेनों के किराये में अंतर वाली धनराशि वापस की जाएगी।

इस समय दिल्ली-जम्मू और नयी दिल्ली-लखनऊ मार्गों पर भी विकल्प सेवा को प्रभावी किया गया है। अब इसका विस्तार करके इसमें दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-चेन्नई, दिल्ली-बेंगलुरु और दिल्ली-सिकन्दराबाद मार्गों को शामिल किया गया है।

इनमें विकल्प नहीं

विकल्प की सुविधा राजधानी, शताब्दी और दूरंतो ट्रेनों में उपलब्ध नहीं होगी।