व्रत के दौरान ऐसे रखें सेहत का ख्याल

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health and fitness tips in hindi

28 मार्च सोमवार से नवरात्रि का त्योहार शुरू हो रहा है और बहुत सारे लोग इस दौरान देवी दुर्गा को खुश करने के लिए नौ दिन का व्रत रखते हैं। डॉक्टरों की मानें तो मेडिकली व्रत को सही माना जाता है और इससे बॉडी का मेटाबॉलिजम ठीक रहता है। हालांकि 9 दिनों तक लगातार चलने वाले व्रत से आपकी सेहत पर बुरा असर भी पड़ सकता है, इसलिए कुछ बातों का ध्यान जरूर रखें-

1. मेंटली फिट रहें
व्रत रखने से पहले खुद को मानसिक तौर पर तैयार रखना जरूरी है। अगर नवरात्रि के 9 दिनों के व्रत के दौरान आप सही डायट को फॉलो करेंगे, तो यह व्रत आपकी सेहत के लिए अच्छा साबित हो सकता है। सबसे पहले, व्रत के नाम पर ज्यादा फैटी चीजों का सेवन न करें और दूसरा पूरी तरह से खाना-पीना कम न करें।

2. वजन करें कम
नौ दिनों तक व्रत रखकर आप अपने वजन को कंट्रोल कर सकते हैं। फास्ट में हाई कैलरी वाली चीजें न लें, इससे वजन कंट्रोल में आएगा। हरी पत्तेदार सब्जियां खाने से डायजेशन अच्छा रहता है और जरूरी विटमिन भी मिलते हैं। वहीं, फल लेने से कलेस्ट्रॉल कम होता है।

3. बैलेंस डायट लें
सभी लोगों के व्रत रखने के तरीके अलग होते हैं। लंबे समय तक चलने वाले व्रत में सिर्फ फलों और सब्जियों को खाने से बॉडी को पूरा न्युट्रिशन नहीं मिल पाता है। हर किसी को अलर्ट रहने की जरूरत है और अपने बॉडी की जरूरत के अनुसार ही डायट लें, नहीं तो कमजोरी आ सकती है।

4. इन बातों का रखें ध्यान
– व्रत शुरु करने से एक-दो दिन पहले हल्की डायट लेना शुरू कर दें। इससे आपकी बॉडी तैयार हो जाएगी।

– व्रत शुरू करने से एक दिन पहले डिनर में फल खाएं या पतली खिचड़ी या दलिया लें।

– अगर बीमार हैं और व्रत रखा है, तो हर दो घंटे के गैप पर कुछ लिक्विड लें।

5. इन बातों का रखें ध्यान
– केले और आलू के चिप्स कम खाएं।

– टोंड मिल्क से पतली खीर बनाकर खाएं, फैट कम होगा।

– सेंधा नमक और चीनी की मात्र कम रखें, खासकर दिल के मरीजों के लिए।

6. इन बातों का रखें ध्यान
– ज्यादा तले-भुने भोजन से परहेज करें।

– कुट्टू के आटे की पूड़ी की बजाय रोटी लें।

– फल और ड्राई फ्रूट्स डायट में जरूर शामिल करें।

– लंबे समय तक भूखे ने रहें, इससे गैस की समस्या हो सकती है।

7. ऐसे लोग 9 दिन व्रत न रखें

– अगर डायबीटीज और हाइपरटेंशन के मरीज हैं।

– अगर हाल-फिलहाल में कोई सर्जरी हुई है।

– अगर खून की कमी है।

– दिल, किडनी, फेफड़े या लीवर के पेशंट हैं।

– प्रेगनेंट महिलाएं