वास्तु दोष: परेशान‌ियों से बचने के लिए रखें ध्यान

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वास्तु दोष: परेशान‌ियों से बचने के लिए रखें ध्यान

हर व्यक्ति का ख्वाब होता है की उसका अपना एक आशियाना हो। इसके लिए वो जी तोड़ मेहनत करता है। कई बार ऐसी स्थिती हो जाती है की हाथ में पैसा होता है लेकिन चाह कर भी घर समय पर पूरा नहीं हो पाता या बेचने की कगार पर आ जाता है। नए घर में आकर पारिवारिक सदस्यों में मतभेद आरंभ हो जाते हैं एवं सुख चैन में कमी आ जाती है। वास्तु के अनुसार इन सभी कारणों के पीछे वास्तु दोष का बड़ा हाथ हो सकता है। वास्तु दोष से होने वाली परेशान‌ियों से बचने के लिए रखें ध्यान-
घर के दक्षिण-पूर्व में गड्ढा होना घर में रहने वाले लोगों के लिए बड़े रोगों का कारण बन सकता है। वहीं उत्तर-पश्चिम में गड्ढा होना शत्रुता को जन्म दे सकता है, दक्षिण में गड्ढे का होना कार्यों में रुकावट डालता है तथा आर्थिक समस्याएं उत्पन्न करता है। घर के उत्तर-पूर्व में खुला स्थान यश और समृद्धि देता है, दक्षिण-पश्चिम में अधिक खुली जगह छोडऩा हानिकारक है तथा सहयोगियों में झगड़े का कारण हो सकता है। तैयार सामान घर के उत्तर-पश्चिम कोने में रखें। ऐसा करने से सामान बिकने में काफी मदद मिलती है तथा शीघ्र ही धन की वसूली होती है। पानी का साधन प्लाट के उत्तर-पूर्व में होना चाहिए, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम में पानी का साधन होने से गृहस्वामियों को संकट में डाल सकता है तथा उत्तर-पश्चिम में भूमिगत जलकुंड का होना वंश वृद्धि में रुकावट उत्पन्न करता है तथा धन हानि का कारण होता है।
घर या व्यवसाय के उत्तर-पूर्वी कोने को अवरुद्ध कर देने से भगवान की कृपा या आशीर्वाद प्राप्त नहीं होता तथा घर में सुख-समृद्धि नहीं आती। जिस घर का उत्तर-पूर्व का कोई भाग टूटा हो तो उस घर में अपंग संतान उत्पन्न हो सकती है। असंगत, या विचित्र प्रकृति के प्लाट कोई न कोई समस्या उत्पन्न करते हैं इसमें गोलाकार, त्रिभुजाकार, बहुभुजाकार, चतुर्भुजाकार या आयताकार प्लाट शामिल हैं। रसोई घर, शौचालय, स्नानघर व पूजा का स्थान एक-दूसरे के अगल या बगल में न बनाएं।