जरूरत के समय धन नहीं रहता, दुर्गा अष्टमी पर अवश्य करें ये उपाय

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4 अप्रैल को चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि है। इस दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी का पूजन करने का विधान है। मां का यह रूप आठ वर्ष की कन्या का है। तभी तो इस दिन कन्या पूजन करने की परंपरा है। माना जाता है की इस दिन जो भी महागौरी की आराधना करता है, वह हर पाप से मुक्त हो जाता है। मान्यता है कि देवी सीता ने श्री राम को पति रूप में पाने के लिए महागौरी का पूजन किया था। कुंवारी लड़कियां मनभावन जीवनसाथी पाने के लिए और सुहागन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए इनका पूजन करें। विवाह संबंधी हर समस्या का हल इनकी आराधना से संभव हो जाता है।

महागौरी की पूजा से पहले रखें ध्यान
पीले कपड़े पहनकर पूजा करें।

मां के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाने के उपरांत ही कोई भी पाठ, अनुष्ठान अथवा उपाय करें।

मां को प्रसन्न करने के लिए सफेद अथवा पीले रंग के फूल चढ़ाएं।

मां को नारियल का भोग लगाएं।

मध्य रात्रि में इनका पूजन करने से शुभ और शीघ्र परिणाम प्राप्त होते हैं।

जरूरत के समय धन नहीं रहता, दुर्गा अष्टमी पर अवश्य करें ये उपाय
महागौरी के स्वरूप को दूध से भरी कटोरी में विराजित कर चांदी का सिक्का चढ़ाएं। फिर सिक्के को धोकर हमेशा अपनी जेब में रखें।

मनचाही इच्छापूर्ति के लिए करें ये काम
पानी वाले नारियल को सिर से 3, 5, 7 अथवा 11 बार घुमाकर बहते हुए जल में प्रवाहित करने से मनचाही इच्छाएं पूरी होंगी।

रोगों से मिलेगा निजात
अष्टमी के दिन जो व्यक्ति महागौरी का पूजन करता है उसे मधुमेह, हारमोंस, नेत्र रोग
से राहत मिलती है और वह परम सुख का अधिकारी बनता है।

कन्या पूजन
2 वर्ष से लेकर 9 वर्ष तक की कन्या का पूजन करें।ऐसा करने से महागौरी की कृपा साधक पर हमेशा बनी रहती है।