बीजेपी के राज में बुन्देलखण्ड में किसानो की निरंतर आत्महत्या जारी

बाँदा जनपद से संवाददाता आशीष सागर जी की कर्ज़युक्त किसानो की समस्यावो पर ये रिपोर्ट ! आप सभी लोगो से अनुरोध है कि आप भी हमारे संघर्ष के भागीदार बने और बाँदा जनपद के जिला अधिकारी मोबाइल नंबर 9454417531 पर फ़ोन कर दबाव बनाये ताकि मृतक के परिवार को राहत मिल सके !

उत्तर प्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र के अन्नदाता किसान जो अन्न का उत्पदान कर हम सभी को अन्न प्रदान करने का कार्य करते थे विगत कई वर्षो से लगातार पड रहे सूखे के कारण अब ये अन्न दाता इस कदर क़र्ज़हीन हो गये है कि उस कर्जो का बोझ उनसे संभाले नही संभल रहा है ! यही कारण है कि वहा किसानो द्वारा निरंतर की जा रही आत्महत्या का दौर लगातार जारी है !

 

उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानो के 1 लाख तक के कर्ज माफ़ी की घोषणा ज़रूर कर दी है लेकिन अभी वो हकीकत के धरातल पर नही उतरी है ! इसके साथ ही साथ सच ये भी है की विगत कई वर्षो से चले आ रहे सूखे के कारण किसानो को सिर्फ 1 लाख के क़र्ज़ की राहत देना नाकाफ़ी है ! यदि बुन्देलखण्ड के किसानो को इस मौत के मुहाने से बाहर निकलना है तो सरकार को बकायदे वहा के किसानो के स्थिति का विस्तृत अध्ययन कर के उन्हें सुनियोजित तरीके से कर्जमुक्ति के लिये प्लानिंग कर बड़े राहत पैकेज को खर्च करने की तैयारी करनी होगी !

यदि ऐसा नही हुआ तो ये मौत का अंतहीन सिलसिला ऐसे ही जारी रहेगा जैसे कि उत्तर प्रदेश सरकार की कर्जमाफी की घोषणा के बाद भी बाँदा जनपद में किसानो द्वारा की जा रही आत्महत्याओं का दौर निरंतर जारी है अभी विगत 4 अगस्त 2017 को बाँदा शहर कोतवाली के अरबई क्षेत्र किसान छान्नीलाल ने आत्महत्या कर ली और अपने पीछे छोड़ गये है क़र्ज़ और रोता बिलखता अपना परिवार !