बुंदेलखंड और पूर्वांचल के विकास लिए योगी ने मोदी से मांगा और पैसा

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने राज्य के बुंदेलखंड और पूर्वांचल जैसे पिछड़े क्षेत्रों के विकास के लिए और धन की मांग की है. अंतर-राज्यीय परिषद की स्थायी समिति की बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी राज्यों को विभिन्न विकास गतिविधियों के लिए और धन मिलना चाहिए. बाद में योगी पीएम नरेंद्र मोदी से भी मिले.

सूत्रों ने बताया कि आदित्यनाथ ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि वह पूर्वांचल और बुंदेलखंड के विकास के लिए और धन प्रदान करे. पूर्वांचल में पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी बिहार के हिस्से आते हैं. वहीं बुंदेलखंड सूखा से प्रभावित क्षेत्र है और यह मध्य प्रदेश से लगा है.

मुख्यमंत्री ने ये बातें केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली और केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में कहीं. सिंह ने बैठक की अध्यक्षता की.  आदित्यनाथ का बयान राज्य के 2.1 करोड़ छोटे और मझोले किसानों की कर्ज माफी की घोषणा करने के कुछ दिनों बाद आया है. उत्तर प्रदेश सरकार ने इसके तहत कुल 36 हजार 359 करोड़ रुपये का कर्ज माफ करने की घोषणा की है.

बैठक में केंद्र राज्य संबंधों, केंद्र राज्य के बीच एम एम पंछी आयोग की सिफारिश के आधार पर वित्तीय संबंध पर चर्चा की गई. पंछी आयोग की रिपोर्ट के तीसरे खंड में सिफारिशें केंद्र-राज्य वित्तीय संबंधों से संबंधित हैं और राज्यों को वित्तीय अंतरण, जीएसटी और केंद्र-राज्य वित्तीय संबंध जैसे विषय इसके अंतर्गत हैं. चर्चा केंद्र-राज्य संबंधों के विभिन्न पहलुओं के इर्द-गिर्द केंद्रित रही, जिसका शासन पर प्रभाव है.

पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बैठक को संबोधित किया, जिसमें केंद्रीय मंत्रियों और राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने हिस्सा लिया. जेटली, सिंह और आदित्यनाथ के अतिरिक्त बैठक में ओड़िशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक सरकार और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने भी हिस्सा लिया. राजस्थान, पंजाब और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री भी परिषद के सदस्य हैं. उन्होंने बैठक में हिस्सा नहीं लिया और अपने प्रतिनिधियों को भेजा.